खाटू श्याम मंदिर सीकर राजस्थान: रहस्य, इतिहास और नई टाइमिंग

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देश में खाटू श्याम के वैसे तो कई मंदिर है लेकिन सबसे पहला और मुख्य मंदिर राजस्थान राज्य के सीकर जिले में स्थित है, यह मंदिर एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है, जो भक्ति और आस्था के प्रतीक के रूप में जाना जाता है। यह मंदिर भगवान खाटू श्याम जी को समर्पित है, जिनकी कहानी महाभारत काल के महान योद्धा और भगवान कृष्ण के परम भक्त बर्बरीक से जुड़ी हुई है। इस मंदिर में भक्ति, बलिदान और भगवान कृष्ण का आशीर्वाद शामिल है, जो इस मंदिर को और भी विशेष बनाता है। इस पोस्ट में आप Khatu Shyam Mandir Sikar Rajasthan की पूरी जानकारी जानेंगे।

सीकर में मौजूद है चमत्कारी खाटू श्याम मंदिर! पूरी जानकारी

     खाटू श्याम के 11 नाम जयकारे के साथ :

    खाटू श्याम बाबा के 11 नाम निम्नलिखित हैं:
    1. जय श्री श्याम! - जय का अर्थ है विजय, श्री का अर्थ है समृद्ध और श्याम उनका नाम है। यह जयकारा भगवान खाटू श्याम जी की विजय और समृद्धि का प्रतीक है।
    2. जय खाटूवाले श्याम! - खाटूवाले का अर्थ है खाटू धाम में निवास करने वाले। यह जयकारा भगवान खाटू श्याम जी के निवास स्थान का सम्मान करता है।
    3. जय हो शीश के दानी! - शीश का अर्थ है सिर और दानी का अर्थ है दान करने वाला। यह जयकारा भगवान खाटू श्याम जी द्वारा अपने सिर का दान किए जाने की वीरता का गुणगान करता है।
    4. जय हो कलियुग देव की! - कलियुग का अर्थ है वर्तमान युग और देव का अर्थ है देवता। यह जयकारा भगवान खाटू श्याम जी को कलियुग के देवता के रूप में स्वीकार करता है।
    5. जय खाटूनरेश! - खाटूनरेश का अर्थ है खाटू धाम के राजा। यह जयकारा भगवान खाटू श्याम जी को खाटू धाम के शासक के रूप में सम्मानित करता है।
    6. जय हो खाटूवाले नाथ की! - नाथ का अर्थ है स्वामी। यह जयकारा भगवान खाटू श्याम जी को स्वामी और रक्षक के रूप में स्वीकार करता है।
    7. जय मोर्वीनन्दन! - मोर्वी उनकी माता का नाम था और नन्दन का अर्थ है पुत्र। यह जयकारा भगवान खाटू श्याम जी को मोर्वी के पुत्र के रूप में याद करता है।
    8. जय मोर्वये! - यह जयकारा भगवान खाटू श्याम जी के जन्मस्थान मोर्वी का सम्मान करता है।
    9. लीले के अश्वार की जय! - लीले का अर्थ है हरा और अश्वार का अर्थ है घोड़ा। यह जयकारा भगवान खाटू श्याम जी के हरे घोड़े पर सवारी करने के रूप का वर्णन करता है।
    10. लखदातार की जय! - लखदातार का अर्थ है लाखों को दान देने वाला। यह जयकारा भगवान खाटू श्याम जी की दयालुता और उदारता का गुणगान करता है।
    11. हारे के सहारे की जय! - हारे का अर्थ है हारने वाला और सहारा का अर्थ है सहारा। यह जयकारा भगवान खाटू श्याम जी को उन लोगों के लिए सहारा मानता है जो हार चुके हैं और निराश हैं।
    यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये 11 जयकारे केवल भक्ति और श्रद्धा की अभिव्यक्ति हैं।

    खाटू श्याम मंदिर कहां पर है

    खाटू श्याम का मुख्य मंदिर राजस्थान राज्य के सीकर जिले की दातारामगढ़ तहसील के खाटू गाँव में स्थित है। यह मंदिर धार्मिक श्रद्धा का प्रमुख केंद्र है और यहाँ हर साल लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं। मंदिर की भव्यता और ऐतिहासिक महत्व इसे विशेष बनाते हैं।

    खाटू श्याम मंदिर का स्थान

    पूरा पता: 
    श्री खाटू श्याम जी मंदिर,
    श्याम मंदिर रोड,
    सीकर, राजस्थान 332602,
    भारत
    अतिरिक्त विवरण:
    स्थान: गाँव खाटू, तहसील दातारामगढ़, जिला सीकर , राज्य राजस्थान, देश भारत
    पिन कोड -332404

    खाटू श्याम में घूमने की जगह

    खाटू श्याम मंदिर के आसपास घूमने लायक कई स्थान हैं, जो आपको दर्शनीय स्थलों की यात्रा का अवसर प्रदान करते हैं। यहां कुछ महत्वपूर्ण स्थानों का उल्लेख किया गया है:
    • श्याम कुंड: खाटू श्याम मंदिर के पास श्याम कुंड स्थित है। ऐसी मान्यता है कि खाटू श्याम जी की गर्दन इसी कुंड से खोदकर निकाली गई थी। इसमे स्नान करने के लिए चारो तरफ से सीडियाँ हैं।
    • श्री श्याम वाटिका: खाटू श्याम बाबा के मंदिर के पास एक श्याम वाटिका है, जो फूलों से सजा है, इन फूलों का प्रयोग बाबा के श्रंगार के लिए किया जाता है। यहां आपको विविध प्रकार के पुष्प मिलेंगे।
    • बालाजी महाराज सालासर: खाटू श्याम मंदिर से लगभग 110 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बालाजी महाराज मंदिर है। यह मंदिर भगवान हनुमान के भक्तों के लिए महत्वपूर्ण है।
    • हनुमान मंदिर: खाटू श्याम मंदिर से कुछ दूरी पर हनुमान मंदिर स्थित है, जो ग्राम नांगल भरडा में है। यहां भगवान हनुमान और भगवान राम के प्रतिमाएं स्थापित हैं। राजस्थान में सालासर बालाजी प्रसिद्ध हैं। 
    • लक्ष्मणगढ़ किला: खाटू श्याम मंदिर के आसपास लक्ष्मणगढ़ किला है, जो एक ऐतिहासिक इमारत है और इसे पर्यटन स्थल के रूप में देखा जाता है।
    • जीण माता मंदिर: खाटू श्याम मंदिर से लगभग 25 किलोमीटर की दूरी पर जीण माता मंदिर है, जो एक प्रसिद्ध शक्तिपीठ है।
    • गोल्डन वाटर पार्क: खाटू श्याम मंदिर के पास गोल्डन वाटर पार्क है, जो एक प्रसिद्ध मनोरंजन स्थल है। यहां बच्चों के लिए विभिन्न जलविहार स्थापित किए गए हैं।
    • गणेश्वर धाम: खाटू श्याम मंदिर के पास गणेश्वर धाम है, जो विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियों के लिए जाना जाता है। यहां एक विशाल कुंड भी है, जिसमें लोग स्नान करते हैं।

    खाटू श्याम मंदिर कैसे जाएँ

    खाटू श्याम मंदिर आप अपने सुविधा के अनुसार जा सकते हैं जैसे:-

    रेल मार्ग: खाटू श्याम जाने के लिए आपको राजस्थान के सीकर जिले में जाना होगा  अगर आप ट्रेन से यात्रा करना चाहते हैं, तो रींगस रेलवे स्टेशन और सीकर स्टेशन खाटू श्याम के सबसे नजदीकी स्टेशन हैं। रींगस स्टेशन खाटू श्याम मंदिर से 18 किलोमीटर की दूरी पर है, जबकि सीकर स्टेशन 65 किलोमीटर की दूरी पर है। इन स्टेशनों पर पहुंचने के बाद, आप टैक्सी या बस के माध्यम से खाटू श्याम मंदिर पहुंच सकते हैं। 

    सड़क मार्ग: यदि आप सड़क मार्ग से यात्रा करना चाहते हैं, तो दिल्ली से खाटू श्याम मंदिर की दूरी लगभग 251 किलोमीटर है, जिसे आप कार, टैक्सी या बस के माध्यम से तय कर सकते हैं। 

    हवाई यात्रा: के लिए, जयपुर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा सबसे निकटतम हवाई अड्डा है, जो खाटू श्याम मंदिर से लगभग 80 किलोमीटर की दूरी पर है। हवाई अड्डे से मंदिर तक पहुंचने के लिए आप टैक्सी या बस का उपयोग कर सकते हैं। इस प्रकार, आप अपनी सुविधा और समय के अनुसार यात्रा का माध्यम चुन सकते हैं और खाटू श्याम जी के दर्शन का आनंद ले सकते हैं। 

    खाटू श्याम भजन रिंगटोन 

    खाटू श्याम जी के भजन, शायरी, और चालीसा देखने और डाउनलोड करने के लिए babakhatushyam.com पर जाएँ। मेनू बार में "शायरी" सेक्शन पर क्लिक करें और ड्रॉप डाउन मेनू से अपनी पसंद के भजन, दो लाइन शायरी, MP3 भजन, वॉलपेपर, और चालीसा चुनें।

    खाटू श्याम की कहानी

    प्राचीन काल में महाभारत का युद्ध आज के हरियाणा और दिल्ली के कुरुक्षेत्र में कौरवों और पांडवों के बीच हुआ था। महाभारत युद्ध में, बर्बरीक नामक योद्धा ने अपनी मां को वचन दिया था कि वे युद्ध में भाग लेंगे और हमेशा हारे हुए कमजोर पक्ष का समर्थन करेंगे। उनके पास तीन दिव्य बाण थे, जिनसे 3 युगों तक युद्ध लड़ा जा सकता था। जब कृष्ण को पता चला कि बर्बरीक की नीति से युद्ध ,लम्बा चलेगा, तो उन्होंने बर्बरीक से उनका सिर दान में मांग लिया। बर्बरीक ने बिना किसी हिचकिचाहट के अपना सिर कृष्ण को अर्पित कर दिया। भगवान कृष्ण ने उनके बलिदान से प्रसन्न होकर उन्हें वरदान दिया कि वे कलियुग में वे मेरे स्वरुप खाटू श्याम के रूप में पूजे जाएंगे और उनकी पूजा करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएँ पूरी होंगी। उनका सिर राजस्थान के सीकर जिले में दफ़न किया गया था जहाँ उनका मंदिर बन गया है। 

    खाटू श्याम मंदिर का महत्व इतिहास

    खाटू श्याम मंदिर उस स्थान पर बना है जहाँ बर्बरीक का सिर स्थापित किया गया था। मान्यता है कि महाभारत युद्ध के बाद बर्बरीक का सिर एक नदी में प्रवाहित कर दिया गया था। पानी के बहाव से यह सिर राजस्थान के सीकर जिले में खाटू नामक टीले पर जा लगा था। भगवान कृष्ण के आशीर्वाद से इस टीले पर रोज एक गाय आकर दूध बहाने लगती थी। यह दृश्य वहां के स्थानीय लोगों ने देखा, जिसके बाद वहां के राजा ने खुदाई करवाई। खुदाई के दौरान बर्बरीक का सिर निकला, इससे वहां पर खाटू श्याम मंदिर बनाया गया।

    इस मंदिर की भव्यता और पवित्रता हर भक्त के दिल को छू जाती है। मंदिर का मुख्य गर्भगृह सफेद संगमरमर से बना हुआ है और यहाँ भगवान खाटू श्याम जी की प्रतिमा स्थापित है।

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    Khatu Shyam Temple Sikar Online Aarti Timings

    आरती का नाम सर्दियों में समय गर्मियों में समय
    मंगला आरती 05.30 प्रात: 04.30 प्रात:
    श्रृंगार आरती 08.00 प्रात: 07.00 प्रात:
    भोग आरती 12.30 दोपहर 01.30 दोपहर
    संध्या आरती 06:30 सायं 07:30 सायं
    शयन आरती 09.00 रात्रि 10.00 रात्रि

    खाटू श्याम मंदिर दर्शन का समय:

    खाटू श्याम मंदिर, सीकर, राजस्थान में दर्शन का समय साल भर भिन्न होता है।
    • वर्तमान समय (मई 2024):सुबह: 6:00 बजे से 12:00 बजे तक
    • शाम: 4:00 बजे से 9:00 बजे तक
    अन्य समय:गर्मियों के महीने (मई से जून): 
    • सुबह 5:00 बजे से 11:00 बजे तक और शाम 5:00 बजे से 10:00 बजे तक
    सर्दियों के महीने (नवंबर से फरवरी): 
    • सुबह 7:00 बजे से 1:00 बजे तक और शाम 3:00 बजे से 8:00 बजे तक

    खाटू श्याम मंदिर दर्शन प्रक्रिया 

    खाटू श्याम मंदिर में दर्शन की प्रक्रिया साधारणतः निम्नलिखित रीति से होती है:
    1. पहला ध्यान: मंदिर के प्रांगण में पहुँचते ही भक्त अपने मन को शांत करते हैं और भगवान की आराधना के लिए ध्यान केंद्रित करते हैं।
    2. ध्यानावस्था में प्रवेश: ध्यानावस्था में प्रवेश करने के बाद, भक्त मंदिर के अंदर चले जाते हैं।
    3. मंदिर की संगीत और भजन सुनना: मंदिर में आने के बाद, भक्त भजनों और आरतियों का आनंद लेते हैं।
    4. दीप और पुष्प अर्पण: दीप और पुष्पों का अर्पण करते हुए, भक्त अपनी आराधना को समर्पित करते हैं।
    5. दर्शन: अंत में, भक्त मंदिर के गर्भगृह में जाकर भगवान के दर्शन करते हैं। ध्यान और भक्ति में लीन होकर, वे भगवान के दिव्य रूप का आनंद लेते हैं।
    6. प्रदक्षिणा और प्रणाम: दर्शन के बाद, भक्त अक्षरशः मंदिर के परिक्रमा में चलकर भगवान की स्थानीय परंपराओं के अनुसार प्रदक्षिणा करते हैं और प्रणाम करते हैं।
    7. मंदिर से बाहर निकलना: दर्शन के बाद, भक्त मंदिर से बाहर निकलते हैं, अपने मन में भगवान की कृपा और आशीर्वाद के साथ।
    खाटू श्याम मंदिर में कोई भी किसी भी विशेष कतार या ड्रेस कोड का पालन करने के लिए कोई विशेष निर्देश नहीं होता। यहां पर सभी भक्तों का स्वागत किया जाता है और वे अपने आदर्शों और आस्था के अनुसार आराधना कर सकते हैं।
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    खाटू श्याम (FAQ)

    Q. खाटू श्याम जी का धड़ कहां पर है?

    A. खाटू श्याम जी का धड़ (अशेष अवशेष) उनके गृह, चुलकाना धाम में दफन किया गया था, जो आज के हरियाणा राज्य के पानीपत जिले में स्थित है। यह एक पवित्र स्थल है जहां उनकी अवशेष अंतिम दफन हुई थी।

    Q. खाटू श्याम को हारे का सहारा क्यों कहते हैं?

    A. "हारे" का अर्थ है उस व्यक्ति का जो हार रहा हो, जिसका समर्थन और सहारा जरूरत हो। खाटू श्याम को इस प्रकार कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों के आसपास हमेशा मौजूद होते हैं और उन्हें समर्थन और साथ देते हैं। उनकी कृपा और शक्ति के साथ, भक्त अपने जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर सकते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूरी हो सकती हैं। इसलिए, खाटू श्याम को "हारे का सहारा" कहा जाता है।

    Q. खाटू श्याम मंदिर राजस्थान नियर रेलवे स्टेशन?

    A. खाटू श्याम मंदिर का सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन रींगस है। 

    Q. रींगस से खाटू श्याम कितने किलोमीटर है?

    A. रींगस से खाटू श्याम की दूरी लगभग 17 से 18 किलोमीटर है। खाटू श्याम का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन रींगस है यह एक क़स्बा है जो कि सीकर जिले में पड़ता है यहाँ से खाटू श्याम को टैक्सी या बस से जाया जा सकता है।

    Q. दिल्ली से खाटू श्याम कितने किलोमीटर है?

    A. दिल्ली से खाटू श्याम मंदिर की दूरी लगभग 251 किलोमीटर है। 

    Q.  खाटू श्याम से सालासर बालाजी की दूरी?

    A. खाटू श्याम से सालासर बालाजी की दुरी लगभग 110 किलोमीटर है। 

    Q. जयपुर से खाटू श्याम कितने किलोमीटर है

    A. जयपुर से खाटू श्याम की दूरी लगभग 90 किलोमीर है।  

    Q. मेहंदीपुर बालाजी से खाटू श्याम कितने किलोमीटर है?

    A. मेहदीपुर बालाजी से खाटू श्याम की दुरी करीब 200 किलोमीर है। 

    Q. खाटू श्याम कौन से जिले में है?

    A. खाटू श्याम के भारत देश में कई मंदिर है लेकिन खाटू श्याम का सबसे मुख्य मंदिर राजस्थान राज्य के सीकर जिले में स्थित है, यह खाटू श्याम का सबसे मैन मंदिर है। 

    Q. खाटू श्याम जन्मदिन कब मनाया जाता है?

    A खाटू श्याम का जन्मदिन फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है, जिसे आमतौर पर "फाल्गुन शुक्ल एकादशी" या "बाबा श्याम का जन्मोत्सव" कहा जाता है। यह तिथि भारतीय पंचांग के अनुसार निर्धारित की जाती है और हर साल बदलती रहती है, लेकिन यह आमतौर पर फरवरी या मार्च के महीने में पड़ती है। खाटू श्याम के जन्म दिन पर यहाँ मेला भी लगता है। 

    निष्कर्ष 

    भक्तों की आस्था का केंद्र, Khatu Shyam Mandir Sikar Rajasthan की यात्रा निश्चित रूप से आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी। आप अपनी यात्रा के लिए फोटो कैमरा साथ ले जा सकते हैं ताकि आप इस दिव्य अनुभव को अपने कैमरे में कैद कर सकें।

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