स्वयं सहायता समूह: क्या है, कैसे बनाएं और इसके फायदे

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आज के समय में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण के लिए स्वयं सहायता समूह (Self-Help Groups - SHGs) एक शक्तिशाली माध्यम बन गए हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्वयं सहायता समूह क्या है? यह एक ऐसा समूह है जो छोटे स्तर पर लोगों को जोड़ता है, खासकर महिलाओं को, ताकि वे आपस में बचत करें, लोन लें, और अपने जीवन को बेहतर बनाएं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि स्वयं सहायता समूह कैसे बनाएं, इसके फायदे क्या हैं, और इससे जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी।
स्वयं सहायता समूह: क्या है, कैसे बनाएं और इसके फायदे

स्वयं सहायता समूह क्या है?

Swayam Sahayata Samuh Kya Hai - स्वयं सहायता समूह SHG 18 साल से 50 वर्ष की स्थानीय महिलाओं का एक समूह होता है जिनमे 10 से 20 महिलाएं शामिल होती है जैसा कि नाम से विदित है स्वयं ये अपनी सहायता स्वयं करते है ये समूह आपस में एक दूसरे कि सहायता करते हैं, ये ज्यादातर एक ही गांव या इलाके के होते हैं। ये लोग हर महीने थोड़ी-थोड़ी बचत करते हैं और उस पैसे को अपने समूह के सदस्यों को छोटे लोन के रूप में देते हैं। इसका मकसद है आर्थिक मदद, आत्मनिर्भरता, और सामाजिक विकास। भारत में इसे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) जैसी योजनाओं से जोड़ा गया है। 
इनमे सभी सदस्यों के द्वारा मासिक आधार पर एक राशि पदाधिकारी के पास जमा की जाती है, पदाधिकारी उस राशि को समूह के नाम से बैंक में खाता खुलवाकर जमा करता है जमा राशि पर ही समूह के किसी सदस्य को यदि लोंन की आवश्यकता है तो समूह कि शर्तों पर ऋण दिया जाता है चाहें तो समूह कि महिलाएं आपस में किसी रोजगार को करने के लिए बैंक से ऋण ले सकती हैं और अपना रोजगार स्वयं चला सकती हैं।

स्वयं सहायता समूह से जुड़े प्रमुख आंकड़े (2025 तक)

विवरण आंकड़े स्रोत
भारत में कुल SHG की संख्या लगभग 1.2 करोड़ NRLM (अनुमानित)
SHG में शामिल महिलाओं की संख्या 14 करोड़ से अधिक ग्रामीण विकास मंत्रालय
SHG के जरिए दिए गए लोन की राशि 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक NABARD (2024 तक का आधार)
SHG से जुड़े रोजगार के अवसर 50 लाख से अधिक NRLM और NGO रिपोर्ट्स
SHG की औसत मासिक बचत 100-500 रुपये प्रति सदस्य क्षेत्रीय सर्वेक्षण

नोट: ये आंकड़े 2025 तक के ट्रेंड्स और उपलब्ध डेटा (NRLM, NABARD, और ग्रामीण विकास मंत्रालय) के आधार पर अनुमानित हैं। सटीक डेटा के लिए नवीनतम रिपोर्ट्स चेक करें।

स्वयं सहायता समूह कैसे बनाएं?

स्वयं सहायता समूह कैसे बनाएं" – यह सवाल उन लोगों के मन में उठता है जो अपने और अपने समुदाय के लिए कुछ बेहतर करना चाहते हैं। स्वयं सहायता समूह (SHG) यानी एक ऐसा संगठन, जो लोगों को एकजुट करके उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करता है। खासकर "महिला स्वयं सहायता समूह" भारत में आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का प्रतीक बन चुके हैं। इसे शुरू करना आसान है और यह आपके लिए आत्मनिर्भरता की राह खोल सकता है। "स्वयं सहायता समूह क्या है" और इसे कैसे बनाया जाए, आइए इसे स्टेप-बाय-स्टेप समझते हैं।
स्वयं सहायता समूह: क्या है, कैसे बनाएं और इसके फायदे

1. लोगों को इकट्ठा करें

"स्वयं सहायता समूह की जानकारी" का पहला कदम है सही लोगों को जोड़ना। इसके लिए 10-20 लोगों का समूह बनाएँ, जो एक जैसी सोच और जरूरतों वाले हों। ये लोग ज्यादातर आपके गाँव या मोहल्ले से होने चाहिए, ताकि आपसी भरोसा बना रहे। मिसाल के तौर पर, अगर आप "महिला स्वयं सहायता समूह" बनाना चाहते हैं, तो ऐसी महिलाएँ चुनें जो छोटे व्यवसाय या घरेलू काम में रुचि रखती हों। यह समूह आपकी एकता की नींव होगा।

2. बैठक करें और नियम तय करें

समूह बनने के बाद अगला कदम है इसकी रूपरेखा तैयार करना। महीने में एक बार बैठक तय करें, जिसमें सभी सदस्य शामिल हों। इस दौरान नियम बनाएँ—जैसे कौन लीडर होगा, पैसों का हिसाब कौन रखेगा, और बैठक का समय क्या होगा। ये नियम "स्वयं सहायता समूह के कार्य" को सुचारू रूप से चलाने में मदद करते हैं। यहाँ यह तय करना जरूरी है कि हर सदस्य समय पर आए और अपनी जिम्मेदारी निभाए।

3. बचत शुरू करें

SHG का आधार है छोटी-छोटी बचत। हर सदस्य से हर महीने थोड़ी राशि जमा करवाएँ—जैसे 50, 100, या 200 रुपये। यह रकम समूह की जरूरत और सदस्यों की क्षमता के हिसाब से तय करें। यह पैसा समूह के खाते में जमा होता है और जरूरत पड़ने पर छोटे लोन के लिए इस्तेमाल होता है। "महिला स्वयं सहायता समूह" में यह बचत आत्मनिर्भरता की पहचान है, जो भविष्य में बड़े सपनों को पूरा करने का रास्ता बनाती है।

4. बैंक खाता खोलें

अपने समूह का एक आकर्षक नाम चुनें, जैसे "सशक्त महिला समूह" या "जीविका स्वयं सहायता समूह"। फिर नजदीकी बैंक में जाकर समूह का खाता खोलें। इसके लिए आपको समूह के नियम, सदस्यों की लिस्ट, और कुछ दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड) देने होंगे। बैंक खाता आपकी बचत को सुरक्षित रखता है और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में मदद करता है। यह कदम "स्वयं सहायता समूह loan" के लिए भी जरूरी है।

5. रजिस्ट्रेशन करवाएँ

SHG को मजबूत और आधिकारिक बनाने के लिए इसका रजिस्ट्रेशन करवाएँ। इसके लिए स्थानीय NGO या नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन (NRLM) से संपर्क करें। NRLM महिलाओं के लिए SHG को बढ़ावा देने की बड़ी सरकारी योजना है। रजिस्ट्रेशन के लिए समूह का नाम, सदस्यों की डिटेल्स, और बैठक के रिकॉर्ड दिखाएँ। इससे आपको ट्रेनिंग और सरकारी मदद मिलेगी। "महिला सशक्तिकरण में स्वयं सहायता समूह की भूमिका" को बढ़ाने में यह कदम अहम है।

6. लोन के लिए आवेदन करें

6 महीने तक नियमित बचत और बैठक करने के बाद आप बैंक से लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए आपका रिकॉर्ड मजबूत होना चाहिए। बैंक SHG को कम ब्याज पर लोन देता है, जिसे सदस्य अपने छोटे बिजनेस—like सिलाई, मुर्गी पालन, या दुकान—के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं। यह "स्वयं सहायता समूह क्या होता है" का जवाब है—एक ऐसा रास्ता जो आपको अपने पैरों पर खड़ा करता है।

आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण का रास्ता

"स्वयं सहायता समूह कैसे बनाएं" की यह प्रक्रिया न सिर्फ आसान है, बल्कि यह आपको और आपके समुदाय को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत करती है। "महिला स्वयं सहायता समूह" खास तौर पर महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके सपनों को हकीकत में बदलने का जरिया बन रहा है। चाहे आप इसे गाँव में शुरू करें या शहर में, यह छोटी बचत से शुरू होकर बड़े बदलाव की नींव रखता है। तो आज ही अपने "स्वयं सहायता समूह" की शुरुआत करें और आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाएँ!

स्वयं सहायता समूह के कार्य क्या हैं

स्वयं सहायता समूह (SHG) कई प्रकार के कार्य करता है जैसे गरीब और हाशिए पर रहने वाले लोगों, विशेष रूप से महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए सहायता प्रदान करता है। इसका मुख्य उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और समृद्धि के लिए अवसर प्रदान करना है। इसके अंतर्गत, विभिन्न कार्यक्रम और कार्यों के माध्यम से उन्हें लाभ प्राप्त कराना है: स्वयं सहायता समूह (SHG) के मुख्य कार्य आमतौर पर निम्नलिखित होते हैं:
  • बचत और ऋण प्रबंधन
  • व्यावसायिक विकास
  • सामाजिक सशक्तिकरण
  • सामूहिक विकास
  • आर्थिक संरक्षण
  • समर्थन और संघटन
  • सामूहिक नेतृत्व

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स्वयं सहायता समूह के फायदे क्या हैं जाने पूरी जानकारी

"स्वयं सहायता समूह के फायदे" जानना जरूरी है ताकि आप इसके महत्व को समझ सकें:
स्वयं सहायता समूह लाभ गठन के 3 महीन से लेकर 6 महीने बाद लाभ मिलने प्रारम्भ हो जाते हैं स्वयं सहायता समूह के अंतर्गत कई प्रकार के लाभ मिलते है जैसे कि एक बार समूह बनाकर या फिर समूह में जुड़कर समूह में कुछ पैसे प्रत्येक महीने देने होते है इन्ही पैसों की वजह से समूह चलता है और लोन जैसी सुविधाएँ दी जाती है प्रत्येक महीने थोड़ी-थोड़ी बचत करके पैसे जमा करने से निम्न लाभ मिलते हैं
  •  रोजगार हेतु आसानी से ऋण मिल जाता है।  
  • समूह में विभिन्न प्रकार की नौकरी निकलती रहती हैं जैसे कि बीसी सखी, बैंक सखी, मनरेगा महिला मेंट आदि। 
  • महिलाएं आत्मनिर्भर व उनकी आर्थिक स्तिथि में सुधार होता है। 
  • गरीबों में बचत की आदत का विकास होता है
  • लोन के लिए कम कागजात लगते हैं  कम ब्याज आसान और शीघ्र लोन मिल जाता है
  • सरकार की तरफ से विभिन्न योजनाओं का लाभ जैसे कि राशन वितरण में समूह को कोटा मिलना आदि। 
  • संसाधनों कि उपलब्धता का होना। 
  • बौद्धिक ज्ञान एवं बेहतर तकनीक की सुविधा का होना आदि
  • आर्थिक मदद: छोटे लोन आसानी से मिलते हैं।  
  • आत्मनिर्भरता: महिलाएं और गरीब लोग अपने पैरों पर खड़े होते हैं।  
  • सामाजिक एकता: समूह में लोग एक-दूसरे की मदद करते हैं।  
  • कौशल विकास: ट्रेनिंग और सरकारी योजनाओं से स्किल सीखने का मौका।  
  • बचत की आदत: नियमित बचत से भविष्य सुरक्षित होता है।

SHG Registration Important Document

  1. स्वयं सहायता समूह में रजिस्ट्रेशन कराने वाली सभी महिलाओं का आधार कार्ड
  2. पासपोर्ट साइज़ फोटो 
  3. बैंक खाता 
  4. मोबाइल नम्बर 

महिला स्व सहायता समूह ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें

Self Help Group Registration Process: SHG में रजिस्ट्रेशन करने के लिए सबसे पहले आपको कुछ महिलाओं का एक ग्रुप बनाना होगा जिसे समूह बोल सकती है इस ग्रुप में सभी महिलाएं 18 वर्ष से अधिक कि होनी चाहिए और स्थानीय महिलाएं हों इसके साथ ही स्वयं सहायता समूह बनाने के लिए कम से कम 8 से 10 महिलाएं होनी चाहिए यदि दिव्यांग अथवा विधवा महिला हैं तो वह मिनिमम 5 महिलाओं का भी समूह बना सकती हैं  और ये महिलाये आपस में मिलकर काम करने वाली हों
स्वयं सहायता समूह: क्या है, कैसे बनाएं और इसके फायदे

Mahila Samuh Ka Naam - Swayam Sahayata Samuh Online Registration

Swayam Sahayata Samuh Online Registration : के लिए ग्रुप बनाये इस ग्रुप का एक नाम रखना होगा इस ग्रुप में 3 मेम्बर बनाने होंगे जिनमे अध्यक्ष, कोषा अध्यक्ष, और सचिव के पद होते हैं समूह की सभी महिलाओं को नियमित बचत करनी होगी अध्यक्ष कोषा अध्यक्ष और सचिव इन तीनों महिलाओं को बैंक में एक जॉइंट खाता समूह के नाम से खुलवाना होगा और इस खाते में नियमित धनराशि जमा करनी होगी अध्यक्ष कोषा अध्यक्ष और सचिव महिला को पढ़ना लिखना आता हो समूह में जुड़ने वाली सभी महिलाओं में कोई भी महिला सरकारी नौकरी न करती हो साथ ही जिसकी आमदनी अधिक हो और जो Income tax देती हो ऐसी किसी भी महिला को समूह में नही जोड़ सकते समूह रजिस्ट्रेशन करने के लिए आप ऑनलाइन भी कर सकती हैं लेकिन Online से अच्छा है आप Ofline ही करें क्योंकि ऑनलाइन करने के बाद भी आपको कार्यालय में फॉर्म जमा कर संपर्क करना होता है इससे अच्छा है आप वही से Registration कराएँ यदि ऑनलाइन करना चाहें तो कर सकते हैं कोई भी गलती ऑनलाइन करते समय न करें।

आजीविका मिशन स्वयं सहायता समूह के बारे में जानकारी

स्वयं सहायता समूह रजिस्ट्रेशन: करने लिए यदि आप शहरी क्षेत्र से हैं तो आपको नगर पालिका में जाकर पंजीकरण करा सकते हैं यहाँ आपको राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन NULM कार्यालय में संपर्क करना होगा और यदि आप ग्रामीण क्षेत्र से हैं तो आप अपने ब्लाक में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ग्रामीण में जाना होगा इसके अतिरिक्त यदि आपको ये कार्यालय नही मिल रहा हो तो आप ब्लॉक में सचिव या Block Development Officers (BDO) से पता कर ले  वहां से एक फॉर्म लेकर भर कर जमा कर दें आपका समूह का रजिस्ट्रेशन कर दिया जायेगा फॉर्म का लिंक इस पोस्ट के अंत में महत्वपूर्ण लिंक सेक्शन से डाउनलोड कर सकते हैं जब आपका रजिस्ट्रेशन हो जाये तब कुछ दिन बाद आप ऑनलाइन चेक कर लें आपका समूह बन गया या नही यह चेक करने के लिए आपको नीचे बताया गया है 

स्वयं सहायता समूह की सूची कैसे देखें:

स्वयं सहायता समूह की सूची देखने के लिए और यह जानने के लिए कि आपके गाँव में कितने समूह बने हैं और समूह के नाम क्या हैं, उस समूह में कौन-कौन सी महिलाएँ जुड़ी हुई हैं, यह सब देखने के लिए सबसे पहले आपको स्वयं सहायता समूह की आधिकारिक वेबसाइट https://nrlm.gov.in/ पर जाएँ।

Swayam Sahayata Samuh के नियम कार्य, लाभ, सूची, लोन रजिस्टर

यहाँ रिपोर्ट पर क्लिक करें। ड्रॉप डाउन मेनू से एनालिटिकल रिपोर्ट्स पर क्लिक करें। अब यहाँ रिपोर्ट मास्टर कैटेगराइज्ड में कई विकल्प आ जाएंगे। आपको देखना है कि Self Help Group (SHGs) स्वयं सहायता समूह (SHGs) कहाँ लिखा है। self Help Group (SHGs) पर क्लिक करें। इसमें आपको पहला विकल्प G1: SHGs in NRLM Database पर क्लिक करना है। 

Swayam Sahayata Samuh के नियम कार्य, लाभ, सूची, लोन रजिस्टर

इस पर क्लिक करते ही आपको अगले पृष्ठ पर भेज दिया जाएगा। यदि आपके समझ में नहीं आ रहा हो तो आप नीचे चित्र के माध्यम से देख सकते हैं।

Swayam Sahayata Samuh के नियम कार्य, लाभ, सूची, लोन रजिस्टर

यहाँ आप अपना राज्य चुनें, अपना जिला चुनें, ब्लॉक चुनें और ब्लॉक चुनने के बाद उस ब्लॉक में जितने भी गाँव होंगे उन सब के नाम आ जाएंगे। अब आप जिस भी गाँव के स्वयं सहायता समूह की सूची देखना चाहते हों उस गाँव पर क्लिक करें। गाँव के नाम पर दोबारा से क्लिक करें। अब उस ग्राम में जितने भी समूह बने होंगे उन सब के नाम आ जाएंगे। 

Swayam Sahayata Samuh के नियम कार्य, लाभ, सूची, लोन रजिस्टर

अब आप जिस भी समूह के नाम पर क्लिक करेंगे तो उस समूह में जुड़ी हुई महिलाओं के नाम दिख जाएंगे। आप चाहें तो इसे पीडीएफ में डाउनलोड कर सकते हैं।

महिला स्वयं सहायता समूह से लोन कैसे लें

स्‍वयं सहायता समूह लोन लेने के लिए समूह कम से कम 3 महीने से एक्टिव होना चाहिए इसके साथ ही समूह में प्रत्‍येक महिला ने अपना अंशदान जमा किया हो और समूह में सम्मिलित प्रत्‍येक महिला की उम्र 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए स्वयं सहायता समूह कि महिलाएं सप्ताह में निर्धारित दिन पर बैठक करती हों समूह के रजिस्टर में पूर्ण लेखा जोखा होना चाहिए लोन लेने के लिए प्रत्येक महिला की सहमती आवश्यक है

स्वयं सहायता समूह लोन कैसे लें? आसान तरीके से जाने

"स्वयं सहायता समूह लोन कैसे लें" – यह सवाल हर उस SHG सदस्य के मन में आता है जो अपने समूह की बचत को अगले स्तर पर ले जाना चाहता है। स्वयं सहायता समूह (SHG) न सिर्फ बचत का जरिया है, बल्कि यह आपको कम ब्याज पर लोन लेकर छोटे व्यवसाय शुरू करने या जरूरतें पूरी करने का मौका भी देता है। खासकर "महिला स्वयं सहायता समूह लोन" भारत में आत्मनिर्भरता का बड़ा आधार बन रहा है। तो आइए, "SHG loan process in India" NABARD की इस प्रक्रिया को स्टेप-बाय-स्टेप समझते हैं और जानते हैं कि आप इसे कैसे हासिल कर सकते हैं।

1. समूह का बैंक खाता सुनिश्चित करें

लोन लेने की पहली शर्त है कि आपके स्वयं सहायता समूह का एक बैंक खाता हो। अगर आपने अभी तक खाता नहीं खोला है, तो अपने समूह का नाम तय करें (जैसे "सशक्त महिला समूह") और नजदीकी बैंक में जाकर खाता खुलवाएँ। इसके लिए आपको समूह के नियम, सदस्यों की लिस्ट, और आधार कार्ड जैसे दस्तावेज देने होंगे। बैंक खाता आपके समूह की बचत को व्यवस्थित रखता है और लोन प्रक्रिया को आसान बनाता है। "स्वयं सहायता समूह लोन की जानकारी" में यह सबसे पहला और जरूरी कदम है।

2. 6 महीने तक नियमित बचत का रिकॉर्ड बनाएँ

बैंक या कोई भी संस्था लोन तभी देती है, जब आपका समूह भरोसेमंद लगे। इसके लिए कम से कम 6 महीने तक नियमित बचत का रिकॉर्ड दिखाना होगा। हर सदस्य को हर महीने तय राशि—जैसे 50 या 100 रुपये—जमा करनी चाहिए। साथ ही, महीने में एक बार बैठक का रिकॉर्ड भी रखें। यह दिखाता है कि आपका समूह सक्रिय और जिम्मेदार है। "NRLM loan for SHG" के तहत यह नियम बहुत जरूरी है, क्योंकि यह आपकी साख बनाता है।

3. बैंक या NRLM से लोन फॉर्म भरें

जब आपका रिकॉर्ड तैयार हो जाए, तो अपने बैंक या नेशनल रूरल लाइवलीहुड मिशन (NRLM) के ऑफिस से लोन का फॉर्म लें। NRLM सरकार की एक ऐसी योजना है जो SHG को लोन और ट्रेनिंग देती है। फॉर्म में समूह का नाम, सदस्यों की संख्या, बचत का विवरण, और लोन की राशि लिखें। "स्वयं सहायता समूह लोन कैसे लें" की यह प्रक्रिया आसान है, बशर्ते आपके कागजात पूरे हों। बैंक मैनेजर या NRLM अधिकारी आपकी मदद कर सकते हैं।

4. लोन का उद्देश्य साफ बताएँ

लोन लेने का मकसद बताना जरूरी है। बैंक यह जानना चाहता है कि आप पैसों का इस्तेमाल कहाँ करेंगे। मिसाल के तौर पर, अगर आप सिलाई मशीन खरीदना चाहते हैं, मुर्गी पालन शुरू करना चाहते हैं, या छोटी दुकान खोलना चाहते हैं, तो यह साफ-साफ लिखें। "महिला स्वयं सहायता समूह लोन" अक्सर ऐसे छोटे व्यवसायों के लिए लिया जाता है, जो आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देते हैं। सही उद्देश्य बताने से लोन अप्रूवल की संभावना बढ़ जाती है।

5. अप्रूवल के बाद लोन प्राप्त करें

फॉर्म जमा करने के बाद बैंक या NRLM आपके समूह के रिकॉर्ड की जाँच करेगा। अगर सब कुछ ठीक रहा, तो लोन अप्रूव हो जाएगा और राशि सीधे आपके समूह के बैंक खाते में आ जाएगी। लोन की राशि आमतौर पर 1 लाख से 10 लाख रुपये तक हो सकती है, जो आपके समूह की बचत, सदस्यों की संख्या, और जरूरत पर निर्भर करती है। "Self-help group loan benefits" में सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह कम ब्याज पर मिलता है और चुकाने की शर्तें आसान होती हैं।

लोन के फायदे और सावधानियाँ

"स्वयं सहायता समूह लोन कैसे लें" की यह प्रक्रिया आपके सपनों को हकीकत में बदलने का रास्ता है। यह लोन न सिर्फ आर्थिक मदद देता है, बल्कि समूह के सदस्यों को एकजुट करके उनकी जिंदगी बेहतर बनाता है। हालाँकि, लोन लेते वक्त कुछ बातों का ध्यान रखें—समय पर किश्तें चुकाएँ और पैसों का सही इस्तेमाल करें। "SHG loan process in India" को फॉलो करके आप अपने गाँव या मोहल्ले में बदलाव ला सकते हैं। तो आज ही अपने SHG को मजबूत करें और लोन लेकर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ें!

स्वयं सहायता समूह से लोन लेने के लिए दस्तावेज

  • समूह का फोटो जिसमे सभी महिलाये आनी चाहिए जो लोंन लेने के लिए शामिल हो 
  • स्वयं सहायता समूह का आई डी कार्ड 
  • आधार कार्ड 
  • राशन कार्ड अथवा बिजली बिल 
  • बैंक पासबुक 
  • पासपोर्ट साइज़ फोटो 
  • बैंक का स्टेटमेंट
  • लोन लेने वाली महिलाओं का मोबाइल नम्बर 

स्वयं सहयता समूह में लोन के प्रकार 

स्वयं सहायता समूह में कई प्रकार के लोन मिलते हैं प्रथम लोन आपका समूह यदि 3 महीने पुराना हो तो आप RF फंड ले सकती है इसका पूर्ण नाम  Revolving Fund है इसमे 15000/- रूपये तक का लोन मिल जाता है इस लोन का उपयोग आप समूह चलाने के लिए कर सकती हैं यदि समूह को सही से चलाते हैं और समूह को बंद नही करते हैं तो यह लोन बैंक को वापिस नही करना होता है इसके आलावा और किसी प्रकार का लोन लेने के लिए आपका समूह 6 महीने से सक्रिय होना चाहिए और भी लोन है जैसे कि सामुदायिक निवेश नीति लोन, Disaster Fund, Cash Credit Limit Loan आदि यह लोन लेने के लिए आपको अपने ब्लॉक से आवेदन करवाना होगा 

समूह का लोन कैसे चेक करें

यदि आपने लोन के लिए आवेदन कर दिया है और और आप यह चेक करना चाहती है कि आपका लोन स्वीकृत हुआ या नही और आपका लोन यदि स्वीकृत हुआ तो कितना हुआ समूह का लोन कैसे चेक करें कौन से समूह में कितना लोन आया है आपके गाँव में कितने समूह चल रहे हैं और उन समूह में कौन से समूह को कितना लोन मिला है  यह सब जानने के लिए इस इस नीचे की पोस्ट को अवश्य पढ़े इस पोस्ट को पढ़कर आप यह भी जान सकते हैं 

स्वयं सहायता समूह में कितने रजिस्टर होते हैं

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत बने स्वयं सहायता समूह (SHG) को संचालित करने के लिए समूह में कुल 9 रजिस्टर होते हैं:जो निम्न प्रकार से हैं- 

  1. सदस्य रजिस्टर: इस रजिस्टर में समूह के सदस्यों की जानकारी दर्ज होती है, जैसे कि नाम, पता, जन्म तिथि, लिंग, शिक्षा स्तर, व्यवसाय, आदि। इसका उद्देश्य समूह के सदस्यों की सूची को प्रबंधित करना है।
  2. बैठक रजिस्टर: इस रजिस्टर में प्रत्येक बैठक की तारीख, समय, स्थान, उपस्थित सदस्यों की संख्या, चर्चा किए गए विषयों, लिए गए निर्णयों और कार्यवाही का सारांश दर्ज होता है। यह समूह की निर्णय लेने की प्रक्रिया को संगठित करता है।
  3. हिसाब रजिस्टर: इस रजिस्टर में समूह के सभी लेनदेन का विवरण दर्ज होता है, जैसे कि बचत, ऋण, आय, व्यय, लाभांश, आदि। इसका उद्देश्य समूह की आर्थिक स्थिति को मानवीय रूप से प्रबंधित करना है।
  4. ऋण रजिस्टर: इस रजिस्टर में समूह द्वारा दिए गए सभी ऋणों का विवरण दर्ज होता है, जैसे कि ऋण लेने वाले का नाम, ऋण राशि, ब्याज दर, चुकौती की अवधि, ऋण की स्थिति, आदि। इसका उद्देश्य समूह के ऋण लेने और चुकाने की प्रक्रिया को प्रबंधित करना है।
  5. बचत रजिस्टर: इस रजिस्टर में प्रत्येक सदस्य की बचत जमा और निकासी का विवरण दर्ज होता है। इससे समूह की बचत की स्थिति को प्रबंधित किया जाता है।
  6. शेयर रजिस्टर: इस रजिस्टर में समूह के सभी शेयरधारकों का विवरण दर्ज होता है, जैसे कि शेयरधारक का नाम, शेयरों की संख्या, शेयर मूल्य, आदि। इससे समूह की संपत्ति की स्थिति को प्रबंधित किया जाता है।
  7. संपत्ति रजिस्टर: इस रजिस्टर में समूह की संपत्तियों का विवरण दर्ज होता है, जैसे कि भूमि, भवन, फर्नीचर, उपकरण, आदि। इससे समूह की संपत्ति की प्रबंधन की जाती है।
  8. मामला रजिस्टर: इस रजिस्टर में समूह द्वारा संबोधित किए गए सभी मामलों का विवरण दर्ज होता है, जैसे कि सदस्यों के बीच विवाद, कानूनी मुद्दे, सामाजिक समस्याएं, आदि।
  9. कार्य योजना रजिस्टर: इस रजिस्टर में समूह द्वारा भविष्य के लिए निर्धारित लक्ष्यों और उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए तैयार की गई कार्य योजना का विवरण दर्ज होता है। यह समूह के विकास की दिशा निर्देशित करता है।

आजीविका मिशन स्वयं सहायता समूह list

स्वयं सहायता समूह का लोन चेक करने के लिए सबसे पहले आप 
  • https://nrlm.gov.in/ पर विजिट करें 
  • Reports सेक्शन पर क्लिक करें 
  • Analytical Reports पर क्लिक करें
  • यहाँ क्लिक करते ही आप Next पेज पर Redirect हो जायेंगे यहाँ Report Master Categorized में कई Category आपको दिखेंगी अब आपको यहाँ 
  • Fund Disbursement Reports पर क्लिक करना है
  • यहाँ आपको कई प्रकार के Option मिलेंगे अब आपने कौन सा लोन लिया आप चेक कर लीजिए For Example यदि आपके समूह में RF का पैसा आया हो तो 
  • यहाँ आप F1b : RF to SHGs (By Disbursement Unit) पर क्लिक करें 
  • यदि CIF का पैसा चेक करना चाहते है तो 
  • F2b : CIF TO SHGs (By Disbursement Unit) पर क्लिक करें 
  • यहाँ आप अपना प्रदेश सेलेक्ट करें 
  • State पर क्लिक करते ही जिले आ जायेंगे 
  • इस लिस्ट में 10 ही जिले दिख रहे होंगे यहाँ Show Entries 10 होगा आप आप इसमे 100 कर दीजिये अब आपको आपके प्रदेश के सभी जिले दिख जायेंगे
  • अपना जिला सेलेक्ट करें 
  • ब्लॉक सेलेक्ट करें 
  • जिस गाँव का देखना चाहते हैं उस गाँव पर क्लिक करें
  • अब आपको कुछ इस तरह का पेज दिखेगा 
यहाँ आप देख सकते हैं Self Help Group(SHGs) कालम में समूह का नाम Fund Type कालम में RF (Revolving Fund) का नाम बैंक नाम Amount in कालम में Rs 15000/- Release Date तारीख दी हुई है तो इस तरह आप समूह में लोन का पैसा चेक कर सकते हैं

Swayam Sahayata Samuh Mein Naukari - स्वयं सहायता समूह में रोजगार

स्वयं सहायता समूह से जुड़कर महिलाये आत्मनिर्भर बन रही हैं इसके अंतर्गत महिलाओं को रोजगार के अवसर भी प्रदान किये गए है अब प्रत्येक गाँव में स्वयं सहायता समूह बन चुके है जब इतने समूह बन गए हैं तो समूह में नौकरी निकलना भी लाजमी हो गया है समूह कि महिलाओं को विभिन्न प्रकार कि नौकरी निकलती रहती हैं जैसे कि स्वास्थ्य सखी की जाब बैंक सखी बीसी जल सखी समूह सखी bk की नौकरी (book Keepar) कृषि सखी की नौकरी सुरक्षा सखी की नौकरी मंनरेगा मेंट, केयर टेकर, मीटर रीडिंग की भर्ती पशु सखी आदि उत्तर प्रदेश सरकार ने 58 हजार महिलाओं के लिए सामुदायिक शौचालय की साफ़ सफाई करने की नौकरी दी है इन केयर टेकर को प्रति माह 6000 रूपये व 3000 रूपये साफ़ सफाई का material खरीदने व रख रखाव के लिए देती है 58 हजार महिलाओं को BC सखी की भी नौकरी दी गयी जिससे वह बैंक का काम कर सकें ये तो गाँव के लेवल पर नौकरी व रोजगार अब बात करते ब्लॉक लेवल पर निकलने वाली भर्ती 

💰 स्वरोजगार और वित्तीय सहायता योजनाएं – महिलाओं के लिए सुनहरा मौका!

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🔹 मुख्यमंत्री एकल महिला स्वरोजगार योजना उत्तराखंड – महिलाओं के लिए बड़ा मौका!
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🔹 कृषि सखी की सैलरी कितनी होती है? यहां जानें हर जरूरी जानकारी!

स्वयं सहायता समूह में नौकरी 

स्वयं सहायता समूह बनाने के बाद सभी ग्राम पंचायतो में दो से 3 समूह पर एक सुमूह सखी को नियुक्त किया जाता है। इसकै अलावा समूंह गठन से पहले ग्राम संगठन का गठन किया जाता है। ग्राम॑ संगठन के नीचे संकुल स्तरीय संघ का गठन, किया जाता है ग्राम संगठन और संकुल स्तरीय संघ के कार्यों का क्रियान्वयन करने के लिए IPRP की नियुक्ति की जाती है।

IPRP की नौकरी इस JOB को करने वाली महिला को अन्य जिले में जाकर समूह के कार्यों को देखना होता है समूहों की सभी महिलाओं के रिकार्ड को पूरा कर अच्छी तरह से सुव्यवस्थित ढंग से रखना है। इस नौकरी को करने के लिए 12वी पास होना चाहिए और स्वयं सहयता समूह में कार्य का अनुभव होना चाहिए इनका मासिक वेतन 10000 से लेकर 15000 तक होता है।

ICRP की नौकरी इनका कार्य होता है पंचायतों में जाकर महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों को प्रेरित कर समूहों का गठन कराना है।

FLCRP की नौकरी Financial Literacy Community Resource Person स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय साक्षरता प्रदान करने वाला संसाधन व्यक्ति समूह का बीमा कराना पैसे का सही जगह लगाना वितीय समावेशन आदि कि समूह को नई नई जानकारी देना व नये कार्यों से जोड़ना आदि FLCRP नौकरी के लिए योग्यता समूह का सदस्य होना चाहिए और 10वीं पास होना चाहिए।

CRP की नौकरी ये सखी ग्राम संघठन का गठन करती हैं योग्यता 10 पास दूसरे ब्लॉक में जाकर ग्राम संगठन बनाना।

BMM की नौकरी block mission manager ब्लॉक के अन्दर आने वाले सभी गाँव में समूह बनवाने के कार्य करवाना समूह के खाते में पैसे भिजवाना समूह की देख रेख का कार्य इस नौकरी को करने के लिए योग्यता MSW 
Or PG Degree या MCA/BE/ B.Tech/MBA होना चाहिए।

स्वयं सहायता समूह की सफल कहानियां

"स्वयं सहायता समूह की सफल कहानियां" लोगों को प्रेरित करती हैं। उदाहरण:  

  • रानी का समूह (बिहार): 15 महिलाओं ने SHG बनाया और सिलाई का काम शुरू किया। आज वे महीने में 20,000 रुपये कमाती हैं।  
  • सुमन का समूह (राजस्थान): इन्होंने मिट्टी के बर्तन बनाने का व्यवसाय शुरू किया और अब ऑनलाइन बेचती हैं।

ये कहानियां दिखाती हैं कि मेहनत और सही दिशा से सफलता मिल सकती है।

स्वयं सहायता समूह: क्या है, कैसे बनाएं और इसके फायदे

स्वयं सहायता समूह में नौकरी

"स्वयं सहायता समूह में नौकरी" के अवसर भी हैं। आप:
  • समूह को ट्रेनिंग दे सकते हैं।  
  • NGO के साथ मिलकर जॉब ले सकते हैं।  
सरकारी योजनाओं में फील्ड वर्कर बन सकते हैं।

स्वयं सहायता समूह सरकारी योजना 2025

"स्वयं सहायता समूह सरकारी योजना 2025" में कई नई स्कीमें आने की संभावना है। NRLM और PM Mudra Yojana जैसे प्रोग्राम SHG को सपोर्ट करते हैं। 2025 तक डिजिटल ट्रेनिंग और ऑनलाइन मार्केटिंग पर फोकस बढ़ेगा।
टिप्स
  • नियमित बैठक करें।  
  • रिकॉर्ड साफ रखें।  
सरकारी योजनाओं से जुड़ें। ग्रामीण विकास मंत्रालय की वेबसाइट से और अधिक जानकारी लें.

निष्कर्ष

आज कि इस पोस्ट Swayam Sahayata Samuh Kya Hai को पढ़कर आप जान गये होंगे स्वयं सहायता समूह क्या है समूह के लाभ समूह रजिस्ट्रेशन समूह की लिस्ट एवं स्वयं सहायता समूह में लोन लेने की जानकारी समूह में रोजगार व नौकरी कौन कौन सी होती है के बारे में पूरी जानकारी देने कि कोशिश की है फिर भी आपका यदि कोई सवाल है तो हमें कमेन्ट अवस्य करें और इस पोस्ट को शेयर जरुर करें।

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स्वयं सहायता समूह क्या है?

स्वयं सहायता समूह (SHG) एक वित्तीय समिति होती है, जिसमें 18 से 50 वर्ष की 10-25 स्थानीय महिलाएं होती हैं। यह आर्थिक सहयोग और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए बनाया जाता है।

स्वयं सहायता समूह से क्या लाभ होता है?

SHG से महिलाओं को रोजगार के लिए आसानी से ऋण मिलता है, वे आत्मनिर्भर बनती हैं, और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। इसमें कम कागजात और कम ब्याज पर लोन मिलता है।

SHG में रजिस्ट्रेशन के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लगते हैं?

SHG में शामिल होने के लिए पासपोर्ट साइज़ फोटो, बैंक खाता, मोबाइल नंबर और आधार कार्ड की आवश्यकता होती है।

स्वयं सहायता समूह कैसे बनाएं?

SHG बनाने के लिए 8-10 महिलाएं होनी चाहिए। विधवा या दिव्यांग महिलाओं के लिए यह संख्या 5 हो सकती है। बैंक में जॉइंट खाता खुलवाकर नियमित धनराशि जमा करनी होगी और ब्लॉक में रजिस्ट्रेशन कराना होगा।

SHG की लिस्ट कैसे देखें?

SHG की लिस्ट देखने के लिए NRLM की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं, 'Reports' सेक्शन में 'SHGs in NRLM Database' पर क्लिक करें और राज्य, जिला, ब्लॉक, ग्राम का चयन करें।

स्वयं सहायता समूह में लोन कैसे मिलता है?

समूह को 3 महीने तक सक्रिय रहना जरूरी है। लोन के लिए SHG आईडी कार्ड, आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक और पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक होते हैं। RF फंड के तहत ₹15,000 तक का लोन मिल सकता है।

SHG के लोन का पैसा ऑनलाइन कैसे चेक करें?

SHG के लोन का पैसा चेक करने के लिए NRLM की वेबसाइट पर जाएं, 'Fund Disbursement Reports' सेक्शन में जाकर प्रदेश, जिला, ब्लॉक और गांव सेलेक्ट करें।

SHG में कौन-कौन सी नौकरियां होती हैं?

SHG में बीसी सखी, बैंक सखी, जल सखी, कृषि सखी, सुरक्षा सखी, मनरेगा मेंट केयर टेकर, बिजली बिल एकत्र करने वाली सखी, पशु सखी, BK की नौकरी और राशन कोटा जैसी नौकरियां उपलब्ध होती हैं।

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